Kalika Mata Mandir Jhamar Kotda Udaipur, इसमें उदयपुर के झामर कोटड़ा के महाकाली मंदिर की जानकारी दी गई है।
उदयपुर के झामर कोटड़ा में विख्यात झामेश्वर महादेव मंदिर के पास एक पहाड़ी पर कालिका माता का मंदिर मौजूद है जो गढ़वाली महाकाली के नाम से ज्यादा प्रसिद्ध है।
ऐसा माना जाता है कि कालिका माता की ये मूर्ति महाराणा उदय सिंह चित्तौड़गढ़ से अपने साथ उदयपुर को बसाने के लिए लाए थे लेकिन माताजी झामर कोटड़ा में भोलेनाथ की गुफा के पास वाली पहाड़ी पर विराजमान हो गई।
ऐसा भी बताया जाता है कि महाराणा उदयसिंह ने उदयपुर शहर की स्थापना इसी पर करने का विचार किया और इस जगह पर एक परकोटा बनवाया जिसके अवशेष अब भी देखे जा सकते हैं।
बाद में किसी कारण से उदयपुर की स्थापना इस जगह पर नहीं हो पाई लेकिन माताजी की प्रतिमा की सेवा पूजा उसी समय से लगातार की जा रही है।
ऐसा भी माना जाता है कि महाकाली ने ही महाराणा उदय सिंह को इस जगह पर उदयपुर शहर नहीं बसाने का आदेश दिया था जिसके बाद महाराणा गिर्वा की पहाड़ियों की तरफ गए।
झामर कोटड़ा में करोड़ों साल पुरानी पिघली हुई चट्टानें हैं और इनमें से एक चट्टान के नीचे बनी गुफा में झामेश्वर महादेव के रूप में साक्षात भोलेनाथ विराजमान हैं।
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डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
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