मंदिरों में सेवा पूजा और प्रसाद - Worship and Prasad in temples

Worship and Prasad in temples, इसमें मंदिरों में देवता की सेवा पूजा और भोग प्रसाद के बारे में जानकारी दी गई है।
Worship and Prasad in temples

मंदिरों में देवता की पूजा के कई विधान होते हैं जिनके द्वारा देवताओं का आह्वान करके उनका स्वागत सत्कार किया जाता है। इन विधानों में से एक विधान भोग प्रसाद का भी होता है।

अलग-अलग काल में भोग प्रसाद भी अलग-अलग हुआ करते थे। जब खेती नहीं हुआ करती थी और शिवजी मुख्य आराध्य देवता थे तब धतूरा, भाँग, मंदार, फूल और दूध आदि पदार्थों का भोग लगता था।

जब मनुष्य शिकार करता था और काली माता मुख्य आराध्य देवी थी तब इनकी सेवा पूजा में बलि, मदिरा और तंत्र आदि का बोलबाला रहा। इस समय राजाओं के दुर्गों की रक्षक देवी दुर्गा ही बनी रही।


जब खेती और पशुपालन शुरू हुआ तब भगवान विष्णु मुख्य आराध्य देवता बने। इस समय खेती और पशुपालन को प्रधानता मिली जिससे अन्न और दूध की चीजें भोग के काम में आने लगी। इस समय भगवान विष्णु मुख्यतया भगवान कृष्ण के रूप में पूजे जाने लगे।


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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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जय श्री श्याम !

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