खाटू श्याम मंदिर की थीम पर बनेगा रेलवे स्टेशन - Khatu Shyam Railway Station

खाटू श्याम मंदिर की थीम पर बनेगा रेलवे स्टेशन - Khatu Shyam Railway Station, इसमें श्याम मंदिर जैसे बनने वाले रेलवे स्टेशन की जानकारी है।

Khatu Shyam Railway Station


खाटूश्याम (सीकर) में रेलवे कनेक्टिविटी का काम शुरू हो गया है। पिछले साल रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना की घोषणा की थी।

भूमि अधिग्रहण शुरू हो चुका है। खाटूश्यामजी रेलवे स्टेशन मंदिर से 1.5 किमी दूर होगा और शेखावाटी संस्कृति को दर्शाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के लिए 115 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा, जिसमें खाटू, केरपुरा, तपीपल्या, आभावास, कोटड़ी धायलान, देवीपुरा, और रींगस नगरपालिका क्षेत्र की जमीन शामिल है।

खाटूश्यामजी स्टेशन चारण मैदान से 100 मीटर आगे केरपुरा-लामियां रोड के बीच बनेगा, जिसमें शेखावाटी कला और संस्कृति का ध्यान रखा जाएगा। स्टेशन का डिज़ाइन मंदिर की थीम पर आधारित होगा, जिसमें बड़े बरामदे, शेखावाटी पेंटिंग्स, मुख्य प्रवेश द्वार के सामने फव्वारे वाला पार्क और पार्किंग की सुविधा होगी।

स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 1.5 किमी है, जिसे श्रद्धालु पैदल तय कर सकते हैं। रींगस-खाटूश्यामजी लाइन पर कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं होगी। परियोजना में 8 माइनर और 21 अंडरब्रिज होंगे।

रींगस से खाटूश्यामजी के बीच कोई अन्य स्टेशन नहीं होगा। 18 किमी का सफर 15-25 मिनट में पूरा होगा। मंदिर में रोजाना करीब 25,000 श्रद्धालु दर्शन करते हैं, वीकेंड और छुट्टियों में भीड़ बढ़ती है। देवउठनी एकादशी और फाल्गुन मेले में एक लाख से अधिक भक्त आते हैं।

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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
रमेश शर्मा

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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जय श्री श्याम !

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