जय बजरंग भजन - Jai Bajrang Bhajan

Jai Bajrang Bhajan - इसमें हनुमान जी की भक्ति और महिमा को जय बजरंग नामक भजन के माध्यम से बताया गया है।

Jai Bajrang Bhajan

जय बजरंग भजन के बोल - Lyrics of Jai Bajrang Bhajan


जय बजरंग, बल के सागर,
राम नाम के सच्चे नागर।
संकट हरने आए पल में,
जय हो पवन के राजकुमार।

जय बजरंग, बल के सागर,
राम नाम के सच्चे नागर॥

अंजनी मैया के ललना,
पवन चले संग तेरा,
बचपन में सूरज को छूने,
दिखा दिया बल तेरा।

ज्ञान गुणों की ज्योति जले,
मन में रहे न अंधकार,
जय हो उस वीर का जिसने,
भक्ति को दिया आकार॥

जय बजरंग, बल के सागर,
राम नाम के सच्चे नागर।
संकट हरने आए पल में,
जय हो पवन के राजकुमार॥


लंका गई जब राम दूत बन,
सीता माँ का संदेश लिया,
एक छलांग में सागर लांघा,
विश्व को विश्वास दिया।

न जले जो अग्नि के डर से,
भक्ति जिसकी ढाल बनी,
दुष्ट अहंकार भस्म हुआ,
जब पूंछ में ज्वाला जगी॥

जय बजरंग, बल के सागर,
राम नाम के सच्चे नागर।
संकट हरने आए पल में,
जय हो पवन के राजकुमार॥

अष्ट सिद्धि नव निधि दाता,
जिस पर कृपा तुम्हारी,
सेवक बनकर राम चरण में,
मिली अमरता प्यारी।

जहाँ सुमिरन तेरा होता,
वहीं बस जाता उजास,
डर, रोग, शोक सब भागें,
जब बोले तेरा नाम॥

न बुद्धि चाहिए, न बल चाहिए,
बस तेरा विश्वास चाहिए,
हे हनुमत, इस जीवन पथ में,
तेरा साथ सदा चाहिए॥

जय बजरंग, जय बजरंग,
जय श्री राम के प्यारे॥

जय बजरंग भजन का वीडियो - Video of Jai Bajrang Bhajan



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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस भजन की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा (मंदिरशाला) की मौलिक रचना है। भजन में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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