Aarti Shrinath Prabhu Ki Bhajan, इसमें आरती श्रीनाथ प्रभु की नामक श्रीनाथ जी के भजन यानि भक्ति गीत लिरिक्स के साथ दिया गया है।
आरती श्रीनाथ प्रभु की भजन के बोल - Lyrics of Aarti Shrinath Prabhu Ki Bhajan
आरती श्रीनाथ प्रभु की
नाथद्वारा धाम
मेवाड़ विहारी गिरिधर
कर दो सबका काम
जय जय श्रीनाथ प्रभु
जय जय घनश्याम
बाएँ कर में गिरिराज धरे
दाएँ वरद हनुमान
ब्रज में जब इंद्र गरजे थे
मेघ बरसते घोर
छोटी उँगली पर पर्वत धर
बचाए ग्वालिन-छोर
आरती श्रीनाथ प्रभु की
दीप जले हर शाम
ब्रज से चले रथ में बैठ
आए मेवाड़ धाम
जहाँ रुका रथ वही बना
नाथद्वारा नाम
जय जय श्रीनाथ प्रभु
जय जय घनश्याम
छप्पन भोग सजे दरबार
अन्नकूट की शान
माखन मिश्री अर्पण होवे
गूंजे जय-जय गान
वल्लभ वाणी में बसते हो
पुष्टिमार्ग के प्राण
वैष्णव जन के हृदय विराजो
तुम दीनन भगवान
आरती श्रीनाथ प्रभु की
नाथद्वारा धाम
जो जन गावे प्रेम से
भर दो उसकी झोली आज
जय जय श्रीनाथ प्रभु
जय जय घनश्याम
आरती श्रीनाथ प्रभु की
नाथद्वारा धाम
आरती श्रीनाथ प्रभु की भजन का वीडियो - Video of Aarti Shrinath Prabhu Ki Bhajan
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डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस भजन की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा (मंदिरशाला) की मौलिक रचना है। भजन में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
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Bhajan
