जयपुर में हजार साल पुराना केदारनाथ मंदिर - Kedarnath Temple Jaipur

Kedarnath Temple Jaipur, इसमें जयपुर के खोह नागोरियान एरिया में पहाड़ी पर बने केदारनाथ मंदिर की जानकारी है।

Kedarnath Temple Jaipur

जयपुर में खोनागोरियान की पहाड़ी पर उत्तराखंड के केदारनाथ धाम की तरह केदारनाथ मंदिर बना हुआ है। सड़क से 1400 फीट की ऊँचाई पर बना यह मंदिर बारिश के मौसम में नेचुरल ब्यूटी से भर जाता है।

पहाड़ी पर मंदिर तक जाने के लिए उबड़-खाबड़ पथरीले रास्ते पर लगभग तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। पहाड़ी से जयपुर शहर की खूबसूरती मन को मोह लेती है।

मंदिर की सबसे बड़ी खास बात यह है कि इसमें दो शिवलिंग विराजित हैं। इन दोनों शिवलिंगों में माता पार्वती के साथ नंदी वाला शिवलिंग लगभग हजार साल पुराना है। शिवपंचायत में मौजूद शिवलिंग बाद में स्थापित किया गया था।

ऐसा बताया जाता है कि इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। अगर मंदिर के निर्माण के बारे में बात करें तो इस मंदिर का निर्माण 1102 ईस्वी में चाँदा राजवंश के मीणा शासक ने करवाया था।

शिवलिंग, पार्वती माता और नंदी की इन तीनों प्रतिमाओं को मीणा राजा उत्तराखंड के केदारनाथ धाम से इस जगह लेकर आए और इन्हें पहाड़ी पर मंदिर बनवाकर स्थापित करवाया।

दूसरे शिवलिंग की स्थापना आनंशी महाराज ने शिव पंचायत के साथ करवाई थी। आपको बता दें कि पुराने समय में इस एरिया को गंग ऋषि के नाम पर खोह गंग कहा जाता था।

राजपूत राजाओं के आने से पहले इस जगह पर चांदा मीणा राजवंश का राज था। इस जगह पर ही चांदा मीणा राजवंश की कुलदेवी आशावरी माता का लगभग 1800 साल पुराना मंदिर भी है।

केदारनाथ मंदिर से लगभग पौन किलोमीटर की दूरी पर आज भी चांदा मीणा राजाओं के महलों के अवशेष मौजूद हैं। चांदा मीणा राजवंश के राजा भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने इस मंदिर में आया करते थे।

यहाँ के मीणा शासकों में आलन सिंह का नाम काफी प्रसिद्ध है। बताया जाता है कि 12 वीं शताब्दी में कछवाहा राजा दुल्हेराय ने आलन सिंह मीणा को हराकर खोह पर अधिकार कर लिया।


बाद में बदलती राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से कछवाहा राजाओं ने खोह गंग में नागौर के मुस्लिमों को बसा कर इसका नाम खोह नागोरियान कर दिया।

अगर हम केदारनाथ मंदिर की लोकेशन की बात करें तो यह मंदिर आगरा रोड़ से खोनागोरियान की तरफ जाने वाले घाटी करोलान रोड़ पर एक पहाड़ी पर है।

यह रोड़ आगे जगतपुरा को आगरा रोड़ से जोड़ता है। जयपुर रेलवे स्टेशन से यहाँ की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है।

केदारनाथ मंदिर जयपुर की मैप लोकेशन - Map location of Kedarnath Temple Jaipur



केदारनाथ मंदिर जयपुर का वीडियो - Video of Kedarnath Temple Jaipur



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Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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