निलिया महादेव का झरना और मंदिर - Niliya Mahadev Mandir and Waterfall

Niliya Mahadev Mandir and Waterfall, इसमें चित्तौड़गढ़ के बस्सी एरिया में मौजूद नीलिया महादेव के बारे में जानकारी है।

Niliya Mahadev Mandir and Waterfall

चित्तौड़गढ़ में बस्सी सेंचुरी और अभयपुर-सेमलपुरा घाटा के बीच का जंगली और पहाड़ी एरिया नीलिया देह कहलाता है।

बारिश के मौसम में नीलिया देह में पचुंडल तालाब, अभयपुर, मायरा , मंगोदड़ा, बड़ीखेड़ा आदि जगहों से पानी बहकर आता है जिससे बल्दरखा के पास नीलिया महादेव का झरना बनता है।

बारिश के मौसम में जब यह झरना बहने लगता है तो इस जगह का प्राकृतिक सौंदर्य और निखर जाता है। उस समय इस जगह पर लोगों की काफी भीड़ रहती है।

यहाँ पर लोग पिकनिक के साथ-साथ पानी से भरे कुंड और सर्पिलाकार नाले में बहते पानी में तैरने और नहाने का आनंद लेते हैं।

किसी समय संतों की तपोभूमि रही इस जगह पर सैंकड़ों साल पुराना प्राचीन शिवलिंग है। इस जगह पर पहाड़ और गुफाएँ हैं जिनमें ऋषि मुनि तपस्या किया करते थे। संतों की भूमि होने की वजह से इस जगह की काफी ज्यादा मान्यता है।

दूर पहाड़ियों से देखने पर इस मंदिर का एरिया प्राकृतिक रूप से बने ॐ जैसा दिखाई देता है। मंदिर से लगभग एक किलोमीटर दूर एक गोशाला में 51 फीट ऊँचाई के गोबर से बने गणेश जी मौजूद है।


झरने के पास ही महादेव का भव्य मंदिर है जिसका निर्माण 2007 में शुरू हुआ था। सावन के महीने में इस जगह पर काफी ज्यादा शिव भक्त आते हैं। हरियाली अमावस्या के दिन यहाँ पर मेला भरता है।

निलिया महादेव का झरना और मंदिर चित्तौड़गढ़-कोटा रूट पर चित्तोडगढ़ से 23 किलोमीटर दूर बस्सी से पहले आवलहेड़ा ग्राम पंचायत के बल्दरखा गाँव के पास है।

निलिया महादेव का झरना और मंदिर की लोकेशन - Location of Niliya Mahadev Mandir and Waterfall



निलिया महादेव का झरना और मंदिर का वीडियो - Video of Niliya Mahadev Mandir and Waterfall



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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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