Jai Jai Jeen Mata Bhajan, इसमें जय-जय जीण माता नामक जीण धाम के भजन यानि भक्ति गीत लिरिक्स के साथ दिया गया है।
जय-जय जीण माता भजन के बोल - Lyrics of Jai Jai Jeen Mata Bhajan
अरावली की रानी जीण माता,
भक्तों की तू रखवाली।
रेवासा की पावन धरती पर,
तेरी ज्योति निराली।।
जय-जय जीण माता, जय-जय जीण माता,
तेरी महिमा जग में निराली।
जय-जय जीण माता, जय-जय जीण माता,
भक्तों की तू रखवाली।।
जीण धाम के पावन शिखर पर,
तेरा सुंदर दरबार।
दुर्गा रूप में विराजी माता,
करती सबका उद्धार।।
जो भी तेरे द्वार पे आए,
भर दे उसकी झोली।
सच्चे मन से जो भी मांगे,
माता पूरी करे बोली।।
अरावली की गूंज पुकारे,
जय-जय अम्बे माता।
संकट हर ले पल में सारे,
जग की तू विधाता।।
जय-जय जीण माता, जय-जय जीण माता,
तेरी महिमा जग में निराली।
जय-जय जीण माता, जय-जय जीण माता,
भक्तों की तू रखवाली।।
जय-जय जीण माता भजन का वीडियो - Video of Jai Jai Jeen Mata Bhajan
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डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस भजन की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा (मंदिरशाला) की मौलिक रचना है। भजन में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
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Bhajan
