Jai Jai Shani Maharaj Bhajan - इसमें शनि महाराज की महिमा को जय जय शनि महाराज नामक भजन के माध्यम से बताया गया है।
जय जय शनि महाराज भजन के बोल - Lyrics of Jai Jai Shani Maharaj Bhajan
जय जय शनि महाराज,
न्याय के तुम सिरताज।
कर्मों का लेखा जोखा,
तेरे हाथों हर एक आज॥
काले वस्त्र, शांत सी दृष्टि,
धैर्य में है तेरी सृष्टि।
धीमी चाल में गहरा ज्ञान,
दूर हटाए हमारा अज्ञान॥
कोई ऊँचा, कोई नीचा नहीं,
तेरी नजर में भेद कहीं।
जैसा बोया वैसा फल,
तेरा नियम अटल ही अटल॥
जय जय शनि महाराज,
न्याय के तुम सिरताज।
कर्मों का लेखा जोखा,
तेरे हाथों हर एक आज॥
शनिवार तेरा पावन दिन,
सेवा में कट जाएँ पल छिन।
तेल का दीपक, मन की आस,
भक्ति से छा जाए उजास॥
जो सह लेता धीरज साथ,
उस पर रखता अपना हाथ।
कष्ट नहीं, तू शिक्षक है,
जीवन पथ का रक्षक है॥
डर नहीं, बस कर्म सुधार,
यही देता तू उपहार।
जय जय शनि महाराज,
करुणा के भी हो तुम राज।
कठिन राह को सरल बना,
भक्तों का तू भाग्य सजा॥
जय जय शनि महाराज भजन का वीडियो - Video of Jai Jai Shani Maharaj Bhajan
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डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस भजन की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा (मंदिरशाला) की मौलिक रचना है। भजन में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
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Bhajan
