Om Namah Shivay Bhajan - इसमें भोलेनाथ यानी शिव शंकर की महिमा को ओम नमः शिवाय नामक भजन के माध्यम से बताया गया है।
ओम नमः शिवाय भजन के बोल - Lyrics of Om Namah Shivay Bhajan
ओम नमः शिवाय गूँजे,
कण-कण में है वास,
भोलेनाथ के चरणों में,
पूरी होती आस।
माथे सोहे चंद्र प्यारा,
जटा में गंगा धार,
मेरे भोले शिव शंकर की,
महिमा है अपरंपार।
ओम नमः शिवाय...
ओम नमः शिवाय...
गले में लिपटा नाग विराजे,
भस्म रमी है अंग,
त्रिशूल हाथ में सोहे भारी,
डमरू बाजे संग।
तीसरा नेत्र जब खुल जाए,
कांपे सकल जहान,
पशुपति तुम ही कहलाते हो,
तुम ही आदि-अनंत महान।
ओम नमः शिवाय...
ओम नमः शिवाय...
हलाहल विष को पीकर तुमने,
नीलकंठ कहलाया,
देव-असुर सब शीश झुकाते,
ऐसी माया फैलाया।
गौरा संग कैलाश विराजे,
नंदी की सवारी,
भूत-प्रेत भी भक्त हैं जिनके,
ऐसे भोले भंडारी।
ओम नमः शिवाय...
ओम नमः शिवाय...
अघोरी हो या सन्यासी,
सबको तुम अपनाते,
भक्ति जो भी मन से करता,
उसके कष्ट मिटाते।
सत्यम शिवम सुंदरम तुम,
तुम ही हो ओंकार,
कर दो बेड़ा पार हमारा,
आए तेरे द्वार।
बम बम भोले,
जय शिव शंकर,
तेरी शरण में आए हैं हम कर।
हर हर महादेव... हर हर महादेव...
ओम नमः शिवाय...
ओम नमः शिवाय भजन का वीडियो - Video of Om Namah Shivay Bhajan
सोशल मीडिया पर हमसे जुड़ें (Connect With Us on Social Media)
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस भजन की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा (मंदिरशाला) की मौलिक रचना है। भजन में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
Tags:
Bhajan
