सलूम्बर की वैष्णो देवी सोनार माता - Sonar Mata Mandir Salumber

Sonar Mata Mandir Salumber, इसमें सलूम्बर के पास पहाड़ी पर मौजूद सलूम्बर की वैष्णो देवी सोनार माता के प्राचीन मंदिर के बारे में विस्तार से जानकारी है।

Sonar Mata Mandir Salumber

राजस्थान के सलूंबर में स्थित है सोनार माता मंदिर, जो अपने ऐतिहासिक महत्व, प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति के लिए जाना जाता है। यह मंदिर अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित है, जो इस स्थान को एक और भी सुंदर बनाता है।

सलूम्बर में अरावली पर्वत की 1500 फीट ऊँची चोटी पर विराजमान सोनार माता को सलूम्बर की वैष्णो देवी कहा जाता है। माता का यह मंदिर भक्तों की आस्था का ऐसा स्थल है जिसके बारे में मान्यता है कि माता के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है।

श्रद्धालु मंदिर के पीछे पेड़ पर बाँस की टोकरी बाँधकर संतान की कामना करते हैं। इसके साथ भक्तगण पहाड़ी पर पत्थर के टुकड़ों से अपने घर की कामना करके प्रतीकात्मक घर भी बनाते हैं।


अगर हम मंदिर के इतिहास के बारे में बात करें तो ऐसा पता चलता है कि 12 वीं शताब्दी के आसपास राठौड़ राजपूतों ने भील शासक सोनारा की राजधानी सोनारिया पर हमला किया जिसमें सोनारा भील मारा गया। सलूम्बर के इस अंतिम भील शासक सोनारा भील की मृत्यु पर उसकी पत्नी उसके साथ सती हुई थी।

बाद में रावत केसर सिंह की दूसरी पत्नी ने इनकी याद में सलूम्बर के पास उत्तर-पूर्व दिशा की सबसे ऊँची पहाड़ी पर सोनार माता के नाम से यह मंदिर बनवाया था। उस समय से ही माताजी इस एरिया के लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है।

पहाड़ी की तलहटी में मौजूद भवानी कुंड में पूरे साल पानी भरा रहता है। पहाड़ी पर माता के मंदिर तक जाने के लिए लगभग दो किलोमीटर का रास्ता पैदल तय करना पड़ता है।

सोनार माता मंदिर क्षेत्र में 610 मीटर लंबी जिप लाइन के साथ कई एडवेंचर एक्टिविटीज भी शुरू की गई है जिसकी वजह से अब लोग माता के दर्शनों के साथ एडवेंचर का मजा भी ले पाएँगे।

सलूम्बर की सोनार माता की मैप लोकेशन - Map location of Sonar Mata Mandir Salumber



सलूम्बर की सोनार माता का वीडियो - Video of Sonar Mata Mandir Salumber



सोशल मीडिया पर हमसे जुड़ें (Connect With Us on Social Media)


डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

एक टिप्पणी भेजें

जय श्री श्याम !

और नया पुराने