भड़क्या माता झरने के पास माताजी का मंदिर - Bhadkya Mata Waterfall and Mandir

Bhadkya Mata Waterfall and Mandir Bijoliya, इसमें भीलवाडा के भड़क्या माता मंदिर और झरने के बारे में जानकारी है।

Bhadkya Mata Waterfall and Mandir

बारिश के मौसम में बिजोलिया के पास भड़क्या माता एरिया हरियाली और प्राकृतिक नजारों से भर जाता है। यहाँ पर मौजूद भड़क्या माता का प्राचीन मंदिर और भड़क्या माता झरना इस जगह को एक शानदार पिकनिक स्थल में बदल देता है।

यहाँ चारों तरफ घना जंगल है जो कोटा बूंदी की सीमा तक फैला हुआ है। इस जंगल में पैन्थर, भालू, गिद्ध, सियार, लोमड़ी सहित कई जंगली जानवर रहते हैं।

बारिश के मौसम में मंदिर के पास ही चट्टानों में 30 फीट की ऊँचाई से एक सुंदर झरना बहता है जिसे भड़क्या माता वाटरफॉल के नाम से जाना जाता है। दरअसल बिजौलिया में मौजूद मंडोल बांध जब भरकर छलकता है तब ये झरना शुरू हो जाता है।

सावन के मौसम में इस झरने पर लोगों की काफी भीड़ हो जाती है। बीजोलिया से बूंदी रोड़ पर स्थित यह जगह लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है।

भड़क्या माता के बारे में अगर बात करें तो ऐसा बताया जाता है कि रियासतकाल में बिजोलिया ठिकाने के लोग उस समय के नवलपुरा का जंगल यानी इस एरिया में शिकार के लिए आते थे।

एक बार जब वो शिकार के लिए आए तब माताजी ने एक महिला के रूप में प्रकट होकर उन्हें शिकार करने से रोका।


माताजी के मना करने के बाद भी जब वो नहीं माने तो माताजी ने एक चट्टान के लात मारी जिससे आसपास की सभी चट्टानें भड़ भड़ाकर गिर गई।

ठिकाने के लोगों ने माताजी के चमत्कार से प्रभावित होकर इस जगह पर उनकी प्रतिमा स्थापित की। उसके बाद ये माताजी, भड़क्या माता के नाम से प्रसिद्ध हुई।

भड़क्या माता झरना और मंदिर की लोकेशन - Location of Bhadkya Mata Waterfall and Temple



भड़क्या माता झरना और मंदिर का वीडियो - Video of Bhadkya Mata Waterfall and Temple




सोशल मीडिया पर हमसे जुड़ें (Connect With Us on Social Media)


डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

एक टिप्पणी भेजें

जय श्री श्याम !

और नया पुराने