Damru Wale Bholenath Bhajan - इसमें भोलेनाथ शिव की महिमा को डमरू वाले भोलेनाथ नामक भजन के माध्यम से बताया गया है।
डमरू वाले भोलेनाथ भजन के बोल - Lyrics of Damru Wale Bholenath Bhajan
डमरू वाले भोलेनाथ,
मेरे त्रिपुरारी भोलेनाथ।
जटा में गंगा, माथे चंदा,
नंदी के संग भोलेनाथ।।
हर हर महादेव, शंभू शंकर,
नीलकंठ मेरे भोलेनाथ।।
कैलाश पर्वत धाम तुम्हारा,
बैठे हो ओ औघड़दानी।
सर्पों का है हार गले में,
तन पर राख रमाई।।
हाथ त्रिशूल, कमंडल साथ,
भूतों के तुम स्वामीनाथ।
तीनों लोकों के हो स्वामी,
करते सबका कल्याण।।
डमरू वाले भोलेनाथ…
नीलकंठ मेरे भोलेनाथ।।
पार्वती माता संग विराजे,
गणपति कार्तिक साथ।
नंदी बैल है वाहन जिनका,
भक्तों के रखवाले नाथ।।
विष पिया था सागर मंथन में,
बन गए नीलकंठ।
देवों के हित प्राण लुटाए,
ऐसे दयालु संत।।
डमरू वाले भोलेनाथ…
नीलकंठ मेरे भोलेनाथ।।
महामृत्युंजय मंत्र तुम्हारा,
देता जीवन दान।
रुद्राभिषेक जो श्रद्धा से करे,
मिट जाए हर क्लेश महान।।
काल भी जिनसे काँपे शंभू,
महाकाल अवतार।
साधु, योगी, ऋषि-मुनि गाएँ,
जय शिव शंकर सरकार।।
डमरू वाले भोलेनाथ…
नीलकंठ मेरे भोलेनाथ।।
भोले भंडारी दीनदयाला,
सब पर कृपा बरसाओ।
जिसने सच्चे मन से पुकारा,
उसको गले लगाओ।।
डमरू वाले भोलेनाथ,
मेरे त्रिपुरारी भोलेनाथ।।
डमरू वाले भोलेनाथ भजन का वीडियो - Video of Damru Wale Bholenath Bhajan
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डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस भजन की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा (मंदिरशाला) की मौलिक रचना है। भजन में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
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Bhajan
