Neelkanth Mahadev Mandir Udaipur, इसमें उदयपुर के अंबेरी में उदयपुर की स्थापना से भी पुराने शिव मंदिर की जानकारी है।
उदयपुर के अंबेरी एरिया में भगवान शिव का एक ऐसा मंदिर है जो उदयपुर की स्थापना के पहले से बना हुआ है। इस मंदिर का सीधा-सीधा संबंध पास ही बने पुरोहितों के तालाब से भी है।
आज के समय यह मंदिर जैव विविधता पार्क के गेट के पास में मौजूद है लेकिन रियासत काल में यह मंदिर चित्तौड़ से एकलिंगजी मार्ग पर पड़ता था।
आपको बता दें कि महाराणा प्रताप के पिता महाराणा उदय सिंह से पहले के सभी महाराणा चित्तौड़गढ़ में रहा करते थे जो उस समय मेवाड़ के राजधानी हुआ करती थी।
चित्तौड़ से ही मेवाड़ के महाराणा अपने इष्ट देवता एकलिंगजी के मंदिर में जाते रहते थे। एकलिंगजी जाने के रास्ते पर होने के कारण महाराणा नीलकंठ महादेव के इस मंदिर में भी भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए रुकते थे।
मंदिर ज्यादा बड़ा नहीं है लेकिन देखने में प्राचीन लगता है। मंदिर के गर्भगृह में भोलेनाथ विराजमान है। गर्भगृह के बाहर सभामंडप में नंदी की प्रतिमा मौजूद है।
मंदिर के बाहर एक प्राचीन बावड़ी बनी हुई है जिसका निर्माण शिवलिंग की स्थापना के साथ ही हुआ होना चाहिए क्योंकि महाराणा रायमल के समय पानी की आपूर्ति के लिए तो पुरोहितों का तालाब बना दिया गया था।
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डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
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