शेखाजी की रानी ने बनवाया कल्याण जी का मंदिर - Kalyan Ji Mandir Amarsar

Kalyan Ji Mandir Amarsar, इसमें शेखाजी की रानी द्वारा जयपुर के अमरसर में बनवाए गए कल्याण मंदिर की जानकारी दी है।

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शेखावाटी के संस्थापक महाराव शेखाजी द्वारा बसाये गए अमरसर कस्बे में शेखाजी की जन्मस्थली शेखागढ़ के पास प्राचीन कल्याण जी का मंदिर मौजूद है।

शेखागढ़ के बारे में यह भी बताया जाता है कि यह गढ़ एक सैनिक छावनी हुआ करता था जिसका निर्माण खुद शेखाजी ने विक्रम संवत 1517 में करवाया था।

ऐसा बताया जाता है कि शेखाजी की टाँक रानी इसी गढ़ में रहती थी जिन्होंने गढ़ के पास में कल्याणजी का बनवाया मंदिर बनवाया।

बताया जाता है कि यह गढ़ और मंदिर आपस में एक सुरंग से जुड़े हुए हैं जिसमें से होकर रानी भगवान के दर्शन करने मंदिर में आती थी।


मंदिर के गर्भगृह में कल्याण जी की भव्य प्रतिमा मौजूद है। गर्भगृह से जुड़ा स्तंभों पर टिका सभामंडप है जो देखने में काफी प्राचीन लगता है।

मंदिर के बाहर एक सुंदर तोरण द्वार बना है। पास में गरुड़ छतरी बनी है लेकिन उसमें गरुड जी की प्रतिमा नहीं है। मंदिर के बिल्कुल पीछे किसी की याद में एक छतरी बनी है।

कल्याण जी के मंदिर के पास ही एक प्राचीन शिवालय है। इस शिवालय में भी स्तंभों पर टिका हुआ एक सभामंडप मौजूद है। अगर आपका कभी अमरसर जाना हो तो आपको कल्याण जी के मंदिर में दर्शन करने जरूर जाना चाहिए।


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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें क्योंकि इसे आपको केवल जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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जय श्री श्याम !

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