Jai Ho Shani Maharaj Bhajan - इसमें शनि महाराज की स्तुति को जय हो शनि महाराज नामक भजन के माध्यम से बताया गया है।
जय हो शनि महाराज भजन के बोल - Lyrics of Jai Ho Shani Maharaj Bhajan
जय हो जय हो शनि महाराज,
न्याय का तुमसे ही आगाज।
जैसा करूँ वैसा पाऊँ,
तेरी शरण में शीश झुकाऊँ॥
धीमी चाल, गहरी सीख,
समय सिखाए हर इक सीख।
न्याय तुम्हारा अडिग महान,
सबको देता सही पहचान॥
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न ऊँच-नीच, न कोई भेद,
तेरे नियम में सब समवेद।
मेहनत, धीरज, सच्चा मन,
यही दिलाए शुभ हर क्षण॥
जय हो जय हो शनि महाराज,
न्याय का तुमसे ही आगाज।
जैसा करूँ वैसा पाऊँ,
तेरी शरण में शीश झुकाऊँ॥
शनिवार जब नाम पुकारूँ,
तेल दीपक से राह सँवारूँ।
सेवा से कट जाए भार,
मन को मिले नया आधार॥
कष्ट नहीं, तुम गुरु समान,
सुधर जाए जीवन पथ ज्ञान।
जो सह लेता धीरज साथ,
उस पर रहती तेरी बात॥
डर नहीं, बस कर्म सुधार,
यही है तेरा उपकार॥
जय हो जय हो शनि महाराज,
न्याय का तुमसे ही आगाज।
जैसा करूँ वैसा पाऊँ,
तेरी शरण में शीश झुकाऊँ॥
जय हो शनि महाराज भजन का वीडियो - Video of Jai Ho Shani Maharaj Bhajan
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डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस भजन की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा (मंदिरशाला) की मौलिक रचना है। भजन में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
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Bhajan
