Santoshi Mai Bhajan - इसमें संतोषी माता की महिमा को संतोषी माई नामक भजन के माध्यम से बताया गया है।
संतोषी माई भजन के बोल - Lyrics of Santoshi Mai Bhajan
जय हो जय हो संतोषी माई,
दुख हरने वाली करुणा छाई।
संतोष दे दो जीवन में,
मां, तेरी शरण जो आया भाई॥
सादगी तेरा गहना माई,
शुक्रवार तेरा दिन कहलाए।
सादा भोग, सच्चा मन,
इच्छा नहीं जो मन भर जाए॥
खट्टा-मीठा दूर रखे जो,
व्रत तेरा वो सच्चा पाए।
धैर्य, श्रद्धा, नियम निभाकर,
हर भक्त तुझको मन से ध्याए॥
संतोषी नाम में ही छुपा है,
सुख का सबसे बड़ा उपहार।
जो संतोष को जीवन माने,
उसके मिट जाएं सब अंधकार॥
बिन आडंबर, बिन दिखावे,
भक्ति तुझको प्रिय है माई।
सच्चे मन से मांगे जो कुछ,
उस पर तेरी कृपा छाई॥
घर-घर सुख और शांति दे तू,
मन में भरे विश्वास की ज्योति।
संतोषी माई की जय बोलो,
कटे जीवन की हर इक होती॥
जय हो जय हो संतोषी माई,
दुख हरने वाली करुणा छाई।
संतोष दे दो जीवन में,
मां, तेरी शरण जो आया भाई॥
संतोषी माई भजन का वीडियो - Video of Santoshi Mai Bhajan
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डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस भजन की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा (मंदिरशाला) की मौलिक रचना है। भजन में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
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Bhajan
