नन्द के आनन्द भयो भजन - Nand Ke Anand Bhayo Bhajan

Nand Ke Anand Bhayo Bhajan - इसमें भगवान कृष्ण के बचपन की लीलाओं को भजन के माध्यम से बताया गया है।

Nand Ke Anand Bhayo Bhajan

नन्द के आनन्द भयो भजन के बोल - Lyrics of Nand Ke Anand Bhayo Bhajan


यमुना तट पे खेलें कन्हैया
नैनों में भोली मुस्कान
माटी में लिपटे नन्हे से हाथ
माखन में बसता भगवान॥

कभी चुराएँ घर-घर माखन
कभी करें नादान शैतानी
ग्वाल-बाल संग हँसी बिखेरें
ब्रज में गूँजे उनकी कहानी॥

नन्द के आनन्द भयो रे
घर-घर खुशियों की बहार
बाल रूप में दर्शन देकर
आए जग के पालनहार॥

पूतना आई विष लेकर
ममता बनकर छल का जाल
एक स्पर्श में हर ली काया
दुनिया बोले जय गोपाल॥

शकटासुर को पाँव हिलाकर
कंस के मन में भय डाला
नन्हें से उस बाल मुकुंद ने
आँखों से सब कह डाला॥


नन्द के आनन्द भयो रे
घर-घर खुशियों की बहार
बाल रूप में दर्शन देकर
आए जग के पालनहार॥

मइया यशोदा डाँट लगाती
कान्हा बैठे झुकाए नैन
मुख खोला तो ब्रह्मांड दिखा
घबराकर माँ हो गई बेचैन॥

लोरी सुनकर सो जाएँ
बाँहों में जग का भार
प्रभु की यही लीला हैं
साकार हुए अवतार॥

बंसी नहीं तब हाथों में
फिर भी मन को मोहे श्याम
बाल हँसी में छिपा हुआ
अनन्त प्रेम का नाम॥

नन्द के आनन्द भयो रे
ब्रज में गूँजा जयकार
बाल कृष्ण की लीला गाकर
धन्य हुआ संसार॥

नन्द के आनन्द भयो भजन का वीडियो - Video of Nand Ke Anand Bhayo Bhajan



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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस भजन की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा (मंदिरशाला) की मौलिक रचना है। भजन में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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जय श्री श्याम !

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