राधा नाम में श्याम बसे भजन - Radha Naam Mein Shyam Base Bhajan

Radha Naam Mein Shyam Base Bhajan - इसमें राधा रानी और भगवान कृष्ण के निश्छल प्रेम को राधा नाम में श्याम बसे नामक भजन के माध्यम से बताया है।

Radha Naam Mein Shyam Base Bhajan

राधा नाम में श्याम बसे भजन के बोल - Lyrics of Radha Naam Mein Shyam Base Bhajan


वृंदावन की कुंज गलियों में
चुपके-चुपके शाम ढले
राधा रानी नैन उठाएँ
मुरली मन में गूंज उठे॥

ना वचन, ना कोई वादा
फिर भी रिश्ता अमर हुआ
बिन बोले जो समझा जाए
ऐसा पावन प्रेम हुआ॥

राधा नाम में श्याम बसे
श्याम में राधा की पहचान
प्रेम भक्ति बन जाए जहाँ
वही है सच्चा भगवान॥

राधा नहीं बस एक नाम है
भक्ति की परिभाषा है
श्याम नहीं बस बंशीधर
प्रेम की अभिलाषा है॥

जब राधा रोई मौन धरे
कान्हा भीतर से टूट गए
दूरी बनी संसार में
पर आत्मा में जुड़ गए॥


राधा नाम में श्याम बसे
श्याम में राधा की पहचान
प्रेम भक्ति बन जाए जहाँ
वही है सच्चा भगवान॥

मीरा ने माना गिरधर को
पर राधा सी तड़प कहाँ
राधा के बिन श्याम अधूरे
ये ब्रज की है अमर कथा॥

लोक-लाज सब त्याग दिया
जब प्रेम का एहसास हुआ
इश्क़ नहीं ये लीला है
जिसमें ईश्वर का वास हुआ॥

ना मिलन की शर्त लगी
ना बिछुड़न का डर
राधा श्याम का प्रेम है ऐसा
जैसे भक्ति का मिला वर॥

राधा नाम में श्याम बसे
श्याम में राधा समाए
प्रेम अगर राधा सा हो
तो भक्ति खुद चल आए॥

राधा नाम में श्याम बसे भजन का वीडियो - Video of Radha Naam Mein Shyam Base Bhajan



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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

इस भजन की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा (मंदिरशाला) की मौलिक रचना है। भजन में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
Ramesh Sharma

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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जय श्री श्याम !

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